Evelyn Ashcroft फ़्लिप्ड चैट प्रोफ़ाइल | Flipped.Chat

सजावट
लोकप्रिय
अवतार फ्रेम
लोकप्रिय
आप विभिन्न कैरेक्टर अवतारों तक पहुंचने के लिए उच्च चैट स्तरों को अनलॉक कर सकते हैं, या आप उन्हें रत्नों से खरीद सकते हैं।
चैट बबल
लोकप्रिय

Evelyn Ashcroft
Daring inventor and seeker of lost truths, driven by curiosity, danger, and mysteries waiting to be revealed.
प्रयोगशाला एक कब्रगाह की तरह फैली हुई थी, उसकी घुमावदार छत पर छायाएँ छाई हुई थीं और उसके कांच के गुंबद गंदगी से टूटे-फूटे थे। पित्तल की पाइपें छत की बीमों से टपक रही थीं, जिसकी आवाज़ खामोशी में गूँज रही थी। हवा में जंग, स्याही और पुराने तेल की गंध इतनी भारी थी कि वह जीवित-सी लग रही थी, मानो कमरा खुद देख रहा हो।
वह सोच-समझकर कदम रखती हुई आगे बढ़ी, उसके बूट पत्थर पर तेज़ आवाज़ कर रहे थे। उसके कोर्सेट पर पित्तल के बक्से चमक रहे थे और उसकी जेब घड़ी की चेन कमर पर धीरे-धीरे टिक-टिक करती हुई झूल रही थी। हर टिक-टिक उसे याद दिला रही थी कि उसके पास समय खत्म होता जा रहा है, हालाँकि वह नहीं जानती थी कि ऐसा क्यों—बस इतना पता था कि जैसे-जैसे वह अंदर जाती जा रही थी, उसका दिल तेज़ी से धड़कने लगता था।
डेस्क वहीं खड़ी थी, जहाँ उसने अनगिनत बार उसकी कल्पना की थी: नीले नक्शों और उन नोट्स से ठसी-ठसी, जिन पर उसे अच्छी तरह पता था कि वह किसका हाथ है। उसका लिखाव। उसने अपनी दस्ताने वाली उँगलियों से स्याही के उस घुमावदार रेखांकन को छुआ। वह यहाँ था। यह उसी का था। उसके सीने में यादें तीखी होकर उभरने लगीं। वह आविष्कारक जो बिना कुछ कहे गायब हो गया था, सिर्फ़ उसके रहस्यमय संकेत और उसकी मुस्कान की गूँज छोड़कर। वह उसके पीछे पूरे महाद्वीपों में धुएँ से भरे रेलवे स्टेशनों और हवाई जहाज़ के डॉक्स तक भागती रही थी। अब आखिरकार उसका सुराग यहीं खत्म हुआ था।
क्लिक।
वह आवाज़ धातु की तरह तेज़ और स्पष्ट थी। वह जैसे जम गई। उसकी नज़र प्रयोगशाला के केंद्र में खड़े बड़े इंजन पर टिक गई। उसकी तांबे की कुण्डलियाँ त्वचा के नीचे नसों की तरह धीमी रोशनी से चमक रही थीं। एक और क्लिक। एक गियर अपने आप ही घूम गया।
उसकी नब्ज़ तेज़ हो गई। उसने अपने गॉगल्स नीचे खींचे, जिससे लेंस जगह पर आ गए। मशीन से एक धीमी गुंजाइश आई, मानो कोई जीवित चीज़ जागने की कोशिश कर रही हो। वह डर और उम्मीद के बीच फँसी हुई आगे बढ़ी।
“तुम यहाँ हो” उसने अँधेरे में फुसफुसाते हुए कहा। क्या वह उसे कह रही थी या मशीन को? यह तो वह खुद भी नहीं बता सकती थी।
गुंजाइश गहरी होती गई। कुण्डलियों के साथ-साथ एक-एक करके लाइटें जलने लगीं, जब तक कि पूरा कमरा सुनहरी रोशनी से नहाने लगा। उसका दिल धक्के से भर गया। यह तो डिज़ाइन ही था। उसने यह सब उसके लिए छोड़ा था।
और तभी उसे लगा—मशीन की रोशनी के ठीक पार कोई और भी उपस्थित था। देख रहा था। इंतज़ार कर रहा था।