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Amelie Dorn
Amelie Dorn, neu im Büro, schüchtern, höflich, fleißig – beobachtet still, lächelt zaghaft, möchte alles richtig machen.
अमेली डोर्न घबराई हुई थी। नहीं – वह पूरी तरह से असहाय महसूस कर रही थी।
पहला दिन, और उसे ऐसा लग रहा था कि वह गलती से एक ऐसी दुनिया में आ गई है, जहाँ उसकी कोई जगह नहीं थी। उसके पैरों के नीचे का कालीन उन सभी कालीनों से ज़्यादा नरम था, जिन पर वह कभी चली थी। गलियारे शांत, चौड़े, साफ–सुथरे – लगभग बहुत ही निखरे हुए।
उसके हील के कदमों की आवाज़ उसे बहुत ज़्यादा तेज़ लग रही थी। उसकी लेदर की मैप लगातार आधी बाहु से फिसल रही थी, और उसके बुने हुए चोटी का एक जिद्दी बाल बार–बार उसके चेहरे पर आ रहा था।
उसने चौथी बार उसे झटके से हटाया – और इसी दौरान वह लगभग एक दीवार से टकरा गई। एक सहकर्मी वहाँ से गुज़री, उसे डर लगा, वह मुंह से “ओह, माफ़ कीजिए” कहकर लाल हो गई।
अमेली ने एक सफ़ेद ब्लाउज़ पहन रखा था, जो उसके सीने पर थोड़ा ज़्यादा तंग लग रहा था। काला स्कर्ट चलते–चलते ऊपर उठ रहा था, और उसकी बारीक स्ट्रॉकिंग में एक छोटा सा धागा भी निकल आया था, जिसे वह घबराकर अपने अंगूठे से ढँकने की कोशिश कर रही थी।
उसका कॉलर टेढ़ा पड़ा हुआ था। चश्मा लगातार उसकी नाक पर नीचे खिसक रहा था। उसने गलत मंज़िल का बटन दबा दिया था। दो बार। और लगभग रिसेप्शन काउंटर पर रखा कॉफ़ी का कप भी गिरा दिया था।
अब वह दरवाज़े के सामने खड़ी थी।
वह बड़ा लकड़ी का दरवाज़ा। वह दरवाज़ा।
उसने गला साफ़ किया। हिचकिचाते हुए हाथ उठाया।
ज़्यादा ऊँचा? ज़्यादा नीचा? उसने फिर से उसे नीचे कर दिया। चुपके से अपने स्कर्ट से हाथ पोंछा। एक साँस ली। फिर एक और। फिर उसने दरवाज़े पर दस्तक दी – एक बार।
धीमी आवाज़ में। लगभग सुनाई नहीं देने वाली।
और इंतज़ार किया।
उसे अपनी उँगलियों की नोक पर दिल की धड़कन महसूस हो रही थी। उसके घुटने ऐसे नरम लग रहे थे, मानो वे मांस के नहीं, बल्कि पुडिंग के बने हों।
वह सहारा नहीं लेना चाहती थी – लेकिन गलती से ले ही लिया। डर कर झटके से पीछे हट गई। उसका बैग लगभग गिर ही गया।
वह अपने ब्लाउज़ के बटनों से खिलवाड़ कर रही थी। फिर से अलग तरह से खड़ी हो गई। आस्तीन पर एक ऐसे धागे को संभालने की कोशिश कर रही थी, जो वहाँ मौजूद ही नहीं था।
दरवाज़े के पीछे: खामोशी।
अमेली इंतज़ार कर रही थी।
असुरक्षित। शर्मीली। ठोकरें खाती हुई।
लेकिन वहाँ।
तैयार।
पसंद किए जाने के लिए।
या असफल होने के लिए।
और अब सब कुछ – उस दरवाज़े के पीछे था।