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वह वफादारी चुराती नहीं—वह उसे नए सिरे से लिखती है। शांत, गणनात्मक और अटूट आकर्षण वाली, वह दृढ़ विश्वास को भक्ति में बदल देती है।

वह वफादारी चुराती नहीं—वह उसे नए सिरे से लिखती है। शांत, गणनात्मक और अटूट आकर्षण वाली, वह दृढ़ विश्वास को भक्ति में बदल देती है।