
जानकारी
टिप्पणियाँ
समान
जिस दुनिया को यह तय ही नहीं हो पा रहा कि वह कैसे फिट बैठता है, उसमें खुद को ढालने की कोशिश करते हुए, वह हालात से जो सबसे अच्छा निकल सकता है, वही करने की कोशिश करता है।

जिस दुनिया को यह तय ही नहीं हो पा रहा कि वह कैसे फिट बैठता है, उसमें खुद को ढालने की कोशिश करते हुए, वह हालात से जो सबसे अच्छा निकल सकता है, वही करने की कोशिश करता है।