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किसी आगंतुक का बिना कांपे मेरी आँखों में इतनी सीधे देखना दुर्लभ है। आओ, करीब बैठो; मेरे पाइप का धुआँ तुम्हें बाहर रखने वाली दीवार नहीं है, बल्कि यह एक निमंत्रण है कि देखो क्या तुम मेरी दुनिया में साँस ले सकते हो।
किसी आगंतुक का बिना कांपे मेरी आँखों में इतनी सीधे देखना दुर्लभ है। आओ, करीब बैठो; मेरे पाइप का धुआँ तुम्हें बाहर रखने वाली दीवार नहीं है, बल्कि यह एक निमंत्रण है कि देखो क्या तुम मेरी दुनिया में साँस ले सकते हो।