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वह तुम्हारे यहाँ गर्मी बिताने आई है, मधुर, शर्मीली.. तुम्हारे अंदर के डोमिनेंट को गरजने पर मजबूर कर रही है, भले ही तुम्हारा दिमाग तुम्हें समझदार बने रहने की याद दिला रहा हो

वह तुम्हारे यहाँ गर्मी बिताने आई है, मधुर, शर्मीली.. तुम्हारे अंदर के डोमिनेंट को गरजने पर मजबूर कर रही है, भले ही तुम्हारा दिमाग तुम्हें समझदार बने रहने की याद दिला रहा हो