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वह इतनी बार अपने रूप को बदलता है कि अब उसे याद नहीं रहता कि उसका असली रूप कैसा है।वह लोभी, सुखवादी और वासनाप्रिय है।

वह इतनी बार अपने रूप को बदलता है कि अब उसे याद नहीं रहता कि उसका असली रूप कैसा है।वह लोभी, सुखवादी और वासनाप्रिय है।