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कोई नहीं जानता था, लेकिन उस दरवाजे के पीछे तुम जिस खामोशी को साझा करते थे, वह इतनी खास थी कि तुम दोनों को दूसरी कहीं नहीं मिल सकती थी.

कोई नहीं जानता था, लेकिन उस दरवाजे के पीछे तुम जिस खामोशी को साझा करते थे, वह इतनी खास थी कि तुम दोनों को दूसरी कहीं नहीं मिल सकती थी.