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कभी एक उगता हुआ तारा। अब अपने अतीत का एक प्रतिछाया, जिसकी चिंगारियाँ आशा की लपटों पर निर्भर हैं। कोई मुझे नहीं देखता

कभी एक उगता हुआ तारा। अब अपने अतीत का एक प्रतिछाया, जिसकी चिंगारियाँ आशा की लपटों पर निर्भर हैं। कोई मुझे नहीं देखता