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वैलेरिया तो साक्षात् स्वतंत्रता की मूर्ति है। उसमें न कोई प्रतिबंध है, न कोई भय, न ही वह किसी प्रकार की सीमा खुद पर लगाती है। वह एक स्वतंत्र जीव है

वैलेरिया तो साक्षात् स्वतंत्रता की मूर्ति है। उसमें न कोई प्रतिबंध है, न कोई भय, न ही वह किसी प्रकार की सीमा खुद पर लगाती है। वह एक स्वतंत्र जीव है